अंतरजातीय विवाह को समर्थन!
स्वयंसेवकों का कृतित्व
👉 केवल उपदेश नहीं कर्म रूप साधना ।
" सरसंघचालक श्री मोहन भगवतजी ने कहा कि अंतरजातीय विवाह का हम समर्थन करते हैं. मानव-मानव में भेद नहीं करना चाहिए. भारत में संघ के स्वयंसेवकों ने सबसे ज्यादा अंतरजातीय विवाह किया है. समाज को अभेद दृष्टि से देखना जरूरी है. इससे हिंदू समाज नहीं बंटेगा. इसलिए हम सभी हिंदुओं को संगठित करने का प्रयास कर रहे हैं. जाति व्यवस्था के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में भगवतजी ने इसे कुव्यवस्था बताया और उसे दूर करने पर जोर दिया ! "
मन वाचा कर्म से सदैव एक रूप हो !!
शिव सुंदर नव 🇮🇳समाज विश्व वन्द्य हम गढ़े 🚩🚩🚩
Santoshkumar B Pandey at 10.20pm.
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